बुजुर्गों की सुरक्षा और देखभाल केवल कानून या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज और हर परिवार की नैतिक जिम्मेदारी है। हमें अपने घर के बुजुर्गों को बोझ नहीं, बल्कि आशीर्वाद समझना होगा।
बुजुर्गों की सुरक्षा और देखभाल केवल कानून या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज और हर परिवार की नैतिक जिम्मेदारी है। हमें अपने घर के बुजुर्गों को बोझ नहीं, बल्कि आशीर्वाद समझना होगा।
बिहार/ शिवहर: विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा एडीआर भवन परिसर में एक विशेष विधिक जागरूकता एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।वही कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्री दीपक कुमार के कुशल मार्गदर्शन में किया गया।इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जिले के वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना,बुजुर्गों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना और उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन का भरोसा दिलाना था।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला अपर मुख्य न्यायाधीश-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार ललन कुमार रजक ने कहा कि विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस परआयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य हमारे वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। बुजुर्ग केवल परिवार ही नहीं, पूरे समाज की धरोहर और अनुभव के स्तंभ हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007 हर बुजुर्ग को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार देता है। इस अधिनियम के तहत कोई भी पीड़ित वरिष्ठ नागरिक अपने बच्चों से भरण-पोषण का कानूनी दावा कर सकता है और संपत्ति से बेदखल करने वाले बच्चों के खिलाफ भी कार्रवाई संभव है।श्री रजक ने शिवहर जिले के सभी बुजुर्गों को आश्वस्त किया कि यदि उनके साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार,उपेक्षा या आर्थिक शोषण होता है,तो जिला विधिक सेवा प्राधिकार उन्हें तत्काल और पूरी तरह निःशुल्क कानूनी सहायता,अधिवक्ता और परामर्श उपलब्ध कराएगा। उन्होंने बताया कि डालसा का दरवाजा हर बुजुर्ग के लिए खुला है। कोई भी वरिष्ठ नागरिक सीधे एडीआर भवन स्थित कार्यालय में या टोल फ्री नंबर 15100 एवं 7070092435 पर संपर्क कर सकता है।
इस दौरान उन्होंने नालसा और बालसा द्वारा संचालित वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी।कार्यक्रम में सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग ने सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी पात्र बुजुर्गों को मासिक पेंशन दी जा रही है।साथ ही वृद्धावस्था पेंशन योजना और जिले के बुनियाद केंद्र के माध्यम से दिव्यांग एवं असहाय वृद्धजनों को चिकित्सा, उपकरण एवं पुनर्वास की सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं।
* बुजुर्गों का सम्मान कानूनन अधिकार डालसा देगा नि:शुल्क न्याय
* अकेला नहीं है कोई बुजुर्ग डालसा हर कदम पर साथ••न्यायाधीश ललन कुमार रजक
वहीं सवेरा स्वयंसेवी संगठन के सचिव मोहन कुमार ने बुजुर्गों को डिजिटल युग के नए खतरों से आगाह किया। उन्होंने कहा कि आजकल साइबर ठग बुजुर्गों को आसान निशाना बनाते हैं। ओटीपी, केवाईसी अपडेट, लॉटरी या बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली फर्जी कॉल के झांसे में आकर कोई भी निजी जानकारी, बैंक डिटेल या आधार नंबर साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।पेंशनर समाज के सचिव रामपदार्थ सिंह और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता हरिद्वार राय पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि बुजुर्गों की सुरक्षा और देखभाल केवल कानून या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज और हर परिवार की नैतिक जिम्मेदारी है। हमें अपने घर के बुजुर्गों को बोझ नहीं, बल्कि आशीर्वाद समझना होगा।शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे वरिष्ठ नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत समस्याएं रखीं, जिनमें मुख्य रूप से पेंशन में देरी, पारिवारिक विवाद और संपत्ति संबंधी मामले शामिल थे।
डालसा के पैनल अधिवक्ताओं द्वारा मौके पर ही सभी को विधिक परामर्श दिया गया और कई मामलों में आवेदन भी लिए गए। कार्यक्रम के दौरान 70 वर्ष से अधिक आयु के कई वरिष्ठ नागरिकों को शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, पदाधिकारियों एवं गणमान्य लोगों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि शिवहर जिले के किसी भी बुजुर्ग को अकेला, असहाय या न्याय से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। डालसा हर कदम पर उनके साथ खड़ा रहेगा।
संवाददाता • संजीत कुमार
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