बुजुर्गों की सुरक्षा और देखभाल केवल कानून या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज और हर परिवार की नैतिक जिम्मेदारी है। हमें अपने घर के बुजुर्गों को बोझ नहीं, बल्कि आशीर्वाद समझना होगा।