भारतीय शूटिंग जगत के दिग्गज खिलाड़ी और कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से पूरे खेल जगत में शोक की लहर है। देहरादून में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई खिलाड़ियों और गणमान्य लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर अपने गुरु को अंतिम विदाई देते समय भावुक हो गईं। जसपाल राणा ने मनु भाकर समेत कई युवा निशानेबाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। खिलाड़ी और कोच दोनों रूपों में उनका योगदान भारतीय खेल इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
देहरादून (उत्तराखंड): भारतीय खेल जगत के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। देश के दिग्गज निशानेबाज, एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और प्रसिद्ध कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। जसपाल राणा ने न केवल एक सफल खिलाड़ी के रूप में देश का नाम रोशन किया, बल्कि कोच के रूप में भी कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।

देहरादून में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां बड़ी संख्या में खिलाड़ी, खेल प्रेमी और राजनीतिक हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जसपाल राणा का योगदान भारतीय खेल इतिहास में सदैव याद रखा जाएगा।
इस दौरान दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर अपने गुरु को अंतिम श्रद्धांजलि देते हुए भावुक नजर आईं। जसपाल राणा ने मनु भाकर के करियर को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी कोचिंग में मनु ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल कीं और ओलंपिक में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की। गुरु के निधन की खबर से मनु भाकर गहरे सदमे में हैं।
जसपाल राणा भारतीय शूटिंग के उन चुनिंदा नामों में शामिल रहे जिन्होंने खेल को नई पहचान दिलाई। खिलाड़ी, कोच और मार्गदर्शक के रूप में उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उनके निधन को भारतीय खेल जगत की अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
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