मोतिहारी के बनियापट्टी ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र में नवरात्र पर दुर्गा माता की चैतन्य झांकी सजाई गई। वरिष्ठ राजयोगिनी बीके मीणा दीदी सम्मानित हुईं।
मोतिहारी के बनियापट्टी ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र में नवरात्र पर दुर्गा माता की चैतन्य झांकी सजाई गई। वरिष्ठ राजयोगिनी बीके मीणा दीदी सम्मानित हुईं।
दुर्गा पूजा बुराइयों पर अच्छाइयों की विजय का प्रतीक : बीके मीणा दीदी
मोतिहारी, 15 अक्टूबर। नवरात्र के अवसर पर मोतिहारी के बनियापट्टी स्थित ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेवा केंद्र में दुर्गा माता की चैतन्य झांकी सजाई गई। झांकी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक प्रवचन, स्वागत नृत्य और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तर बिहार की वरिष्ठ राजयोगिनी बीके मीणा दीदी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ राजयोगिनी बीके मीणा दीदी ने कहा कि दुर्गा पूजा का त्योहार बुराइयों पर अच्छाइयों की विजय का प्रतीक है। यह पर्व लोगों को अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करने और जीवन में सकारात्मक गुणों को अपनाने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने रावण के दस सिरों के आध्यात्मिक अर्थ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन्हें स्त्री और पुरुष के पांच-पांच विकारों का प्रतीक माना जाता है। रावण दहन के माध्यम से हर वर्ष बुराइयों के अंत का संदेश दिया जाता है। इसी तरह दुर्गा माता को साक्षी मानकर लोगों को अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए।
सेवा केंद्र प्रभारी बीके विभा ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए बीके अशोक वर्मा ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था में प्रतिदिन सहज राजयोग का अभ्यास कराया जाता है, जिसके माध्यम से लोगों को आंतरिक बुराइयों से मुक्त होने और आत्मिक शक्ति विकसित करने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी परंपरा में दुर्गा को परमात्मा शिव बाबा की रचना तथा नारी को शिव की शक्ति के रूप में देखा जाता है। दुर्गा पूजा शक्ति की आराधना का पर्व है। जब आत्मा शक्तिशाली बनती है, तो उसके भीतर बुराइयों को समाप्त करने की क्षमता विकसित होती है।
कार्यक्रम के दौरान सेंट जेवियर्स स्कूल की छात्रा सानवी वर्मा ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं, दुर्गा माता की चैतन्य झांकी के रूप में बीके संध्या सजीं। झांकी के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शक्ति, पवित्रता और बुराइयों पर विजय का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ राजयोगिनी बीके मीणा दीदी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। दुर्गा माता के साथ उनकी भी आरती उतारी गई।
कार्यक्रम में बीके आरती, बीके मंजू, बीके नीतू, बीके पूनम, बीके अनीता, बीके प्रभु भाई, बीके भोला भाई, सुगौली सेवा केंद्र प्रभारी बीके रामाधार, बीके अंबालिका, बीके शशिकला, बीके गायत्री, बीके रंजन, बीके शिव पूजन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मिक शक्ति, पवित्रता और अपने भीतर की बुराइयों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देने वाला पर्व भी है।
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